प्याज और लहसुन ब्राह्मण क्यों नहीं खाते है, क्या आप जानते हो, अगर जान जाओगे तो आप छोड देंगे …

Brahmin mystery: प्याज और लहसुन ब्राह्मण क्यों नहीं खाते है, क्या आप जानते हो, अगर जान जाओगे तो आप छोड देंगे ... अक्सर आपने देखा या सुना होगा कि ब्राह्मण लहसुन और प्याज का परहेज करते हैं, लेकिन क्यों करते हैं! इसके पीछे सब आपको अलग अलग वजह बताएंगे, पर हम आपको एक स्टोरी से रूबरू कराने जा रहे हैं! जिसके द्वारा आपके मन में सभी प्रश्नों (question) को हटा दिया जाएगा! हाँ, उन सभी को पता है कि ब्राह्मण (Brahmin) इसे नहीं खाते हैं! तो इसके पीछे किसी भी कारण बताता है कि उसके गौरव के खिलाफ है! लेकिन क्या असली कारण है के लिए, आप आखिरी तक रिपोर्ट को पढ़े! Brahmin mystery- ग्रंथों (Indian Volume) में, इस बात के लिए असली कारण बताया गया है! कारण यह है कि ब्राह्मणों इन बातों को नहीं खाते क्या है? इसके पीछे की कहानी बहुत लंबी है! लेकिन आजकल शॉर्टकट (shortcut) का समय है, हम आपको गोल भी नहीं करेंगे, लेकिन कम शब्दों में आप कहानी पूरी करेंगे! समुद्र (sea) के मंथन के दौरान अमृत कलस निकला था! तब भगवान विष्णु सभी देवताओं को अमृत वितरित कर रह थे अमर होने के लिए! इस बीच, दो राहु, केतु (Rahu, ketu) नामित राक्षस उन के बीच में बैठ गया! इस तरह, भगवान ने उन्हें अमृत दिया था! लेकिन जैसे ही देवताओं यह पता चला! तो भगवान विष्णु उन के धड़ को अपने सुदर्शन चक्र से अलग कर दिया! प्याज और लहसुन की उत्पत्ति- ब्राह्मण क्यों नहीं खाते लहसून और प्याज: अमृत (Honeydew) की कुछ बूंदें उनके मुंह में चले गए जब तक सिर से अलग हो गया था! इस तरह से राक्षसों के सिर अमर हो गए हैं! लेकिन उन के बाकि सभी अंग को नष्ट कर दिया गया! लेकिन जब विष्णु ने उन पर हमला किया, तो लहू (Blood) की कुछ बूँदें नीचे गिर गयी! इस तरह से, प्याज और लहसुन का उत्पादन खून से हुआ जिसकी वजह से वे भोजन के बाद मुंह से गंध आती है! इसलिए ब्राह्मण प्याज और लहसुन को नहीं खाते, जिसकी वजह ही की वो खून से तैयार किए गए! क्योंकि उनका मानना है प्याज और लहसुन में राक्षस (Demon) विराजमान है! इसके पीछे वैज्ञानिक (Scientist) कारण भी बताते हैं! हम आपको उन वजहों की भी जानकारी दे रहे हैं! जिनके चलते ब्राह्मण प्याज और लहसुन से दूरी बनाते है! फूड कैटगराइजेशन (Food Categorization)- आयुर्वेद (Ayurveda) में खाद्य पदार्थों को 3 श्रेणियों में बांटा गया है – सात्विक, राजसिक और तामसिक। मानसिक स्थितियों के आधार पर इन्हें हम ऐसे बांट सकते है सात्विक: शांति, संयम, पवित्रता और मन की शांति जैसे गुण! राजसिक: जुनून और खुशी जैसे गुण! तामसिक: क्रोध, जुनून, अहंकार और विनाश जैसे गुण! ये हैं वजह- अहिंसा (Nonviolence): प्याज़ और लहसुन तथा अन्य ऐलीएशस (aliation) पौधों को राजसिक और तामसिक रूप में वर्गीकृत किया गया है! जिसका मतलब है कि ये जुनून और अज्ञानता में वृद्धि करते हैं! अहिंसा – हिंदू धर्म में, हत्या (रोगाणुओं की भी) निषिद्ध है! जबकि जमीन के नीचे उगने वाले भोजन में समुचित सफाई की जरूरत होती है! जो सूक्ष्मजीवों (Microbe) की मौत का कारण बनता है! अतः ये मान्यता भी प्याज़ और लहसुन को ब्राह्मणों (Brahmin) के लिये निषेध बनाती है, लेकिन तब सवाल आलू, मोल्ली और गाजर पर उठता है! अशुद्ध खाद्य (Unclean food): कुछ लोगों का ये भी कहना है कि मांस, प्याज और लहसुन का अधिक मात्रा में सेवन व्यवहार में बदलाव का कारण बन जाता है! शास्त्र (volume) के अनुसार लहसुन, प्याज और मशरूम ब्राह्मणों के लिए निषिद्ध हैं, क्योंकि आमतौर पर ये अशुद्धता बढ़ाते हैं और अशुद्ध खाद्य की श्रेणी में आते हैं! ब्राह्मणों को पवित्रता बनाए रखने की जरूरत होती है, क्योंकि वे देवताओं की पूजा करते हैं जोकि प्रकृति में सात्विक (saatvik) होते हैं! सनातन धर्म के अनुसार: क्यों नहीं खाते लहसून और प्याज- सनातन धर्म के वेद (Ved shastra) शास्त्रों के अनुसार प्याज और लहसुन जैसी सब्जियां प्रकृति प्रदत्त भावनाओं में सबसे निचले दर्जे की भावनाओं जैसे जुनून, उत्तजेना और अज्ञानता को बढ़ावा देती हैं! जिस कारण अध्यात्मक के मार्ग पर चलने में बाधा उत्पन्न होती हैं और व्यक्ति की चेतना प्रभावित होती है! इस कराण इनका सेवन नहीं करना चाहिेए! मान्यताएं: इन बातों का अब कम महत्व है, क्योंकि शहरी जीवन में तो जाति व्यवस्था विलुप्त होने के कगार पर है! और बेहद कम लोग ही इन नियमों का पालन करते हैं! आज के दौर के अधिकांश लोग, खासतौर पर युवा पीढ़ी इसे अंधविश्वास (Superstition) से जोड़ कर देखती है या यह वर्तमान जीवन शैली के कारण इनका पालन नहीं कर सकती है! तो दोस्तों अभी आप को पता चल गया है की ब्राह्मण क्यों नहीं खाते लहसून और प्याज ! और देखें - आजादी के 70 साल बाद विश्व विरासत स्थान पर बिजली (Electricity) पहुंची … सेक्स करते समय experiment करना पड़ा भारी , हैरान रह जायेंगे आप भी पढ़ कर… Follow @Indiavirals
 

प्याज और लहसुन ब्राह्मण क्यों नहीं खाते है, क्या आप जानते हो, अगर जान जाओगे तो आप छोड देंगे …

Brahmin mystery: प्याज और लहसुन ब्राह्मण क्यों नहीं खाते है, क्या आप जानते हो, अगर जान जाओगे तो आप छोड देंगे ... अक्सर आपने देखा या सुना होगा कि ब्राह्मण लहसुन और प्याज का परहेज करते हैं, लेकिन क्यों करते हैं! इसके पीछे सब आपको अलग अलग वजह बताएंगे, पर हम आपको एक स्टोरी से रूबरू कराने जा रहे हैं! जिसके द्वारा आपके मन में सभी प्रश्नों (question) को हटा दिया जाएगा! हाँ, उन सभी को पता है कि ब्राह्मण (Brahmin) इसे नहीं खाते हैं! तो इसके पीछे किसी भी कारण बताता है कि उसके गौरव के खिलाफ है! लेकिन क्या असली कारण है के लिए, आप आखिरी तक रिपोर्ट को पढ़े! प्याज और लहसुन ब्राह्मण क्यों नहीं खाते है, क्या आप जानते हो, अगर जान जाओगे तो आप छोड देंगे …

Brahmin mystery-

ग्रंथों (Indian Volume) में, इस बात के लिए असली कारण बताया गया है! कारण यह है कि ब्राह्मणों इन बातों को नहीं खाते क्या है? इसके पीछे की कहानी बहुत लंबी है! लेकिन आजकल शॉर्टकट (shortcut) का समय है, हम आपको गोल भी नहीं करेंगे, लेकिन कम शब्दों में आप कहानी पूरी करेंगे! समुद्र (sea) के मंथन के दौरान अमृत कलस निकला था! तब भगवान विष्णु सभी देवताओं को अमृत वितरित कर रह थे अमर होने के लिए! इस बीच, दो राहु, केतु (Rahu, ketu) नामित राक्षस उन के बीच में बैठ गया! इस तरह, भगवान ने उन्हें अमृत दिया था! लेकिन जैसे ही देवताओं यह पता चला! तो भगवान विष्णु उन के धड़ को अपने सुदर्शन चक्र से अलग कर दिया!

प्याज और लहसुन की उत्पत्ति-

ब्राह्मण क्यों नहीं खाते लहसून और प्याज: अमृत (Honeydew) की कुछ बूंदें उनके मुंह में चले गए जब तक सिर से अलग हो गया था! इस तरह से राक्षसों के सिर अमर हो गए हैं! लेकिन उन के बाकि सभी अंग को नष्ट कर दिया गया! लेकिन जब विष्णु ने उन पर हमला किया, तो लहू (Blood) की कुछ बूँदें नीचे गिर गयी! इस तरह से, प्याज और लहसुन का उत्पादन खून से हुआ जिसकी वजह से वे भोजन के बाद मुंह से गंध आती है! प्याज और लहसुन ब्राह्मण क्यों नहीं खाते है, क्या आप जानते हो, अगर जान जाओगे तो आप छोड देंगे … इसलिए ब्राह्मण प्याज और लहसुन को नहीं खाते, जिसकी वजह ही की वो खून से तैयार किए गए! क्योंकि उनका मानना है प्याज और लहसुन में राक्षस (Demon) विराजमान है! इसके पीछे वैज्ञानिक (Scientist) कारण भी बताते हैं! हम आपको उन वजहों की भी जानकारी दे रहे हैं! जिनके चलते ब्राह्मण प्याज और लहसुन से दूरी बनाते है!

फूड कैटगराइजेशन (Food Categorization)-

आयुर्वेद (Ayurveda) में खाद्य पदार्थों को 3 श्रेणियों में बांटा गया है – सात्विक, राजसिक और तामसिक। मानसिक स्थितियों के आधार पर इन्हें हम ऐसे बांट सकते है सात्विक: शांति, संयम, पवित्रता और मन की शांति जैसे गुण! राजसिक: जुनून और खुशी जैसे गुण! तामसिक: क्रोध, जुनून, अहंकार और विनाश जैसे गुण!

ये हैं वजह-

अहिंसा (Nonviolence): प्याज़ और लहसुन तथा अन्य ऐलीएशस (aliation) पौधों को राजसिक और तामसिक रूप में वर्गीकृत किया गया है! जिसका मतलब है कि ये जुनून और अज्ञानता में वृद्धि करते हैं! अहिंसा – हिंदू धर्म में, हत्या (रोगाणुओं की भी) निषिद्ध है! जबकि जमीन के नीचे उगने वाले भोजन में समुचित सफाई की जरूरत होती है! जो सूक्ष्मजीवों (Microbe) की मौत का कारण बनता है! अतः ये मान्यता भी प्याज़ और लहसुन को ब्राह्मणों (Brahmin) के लिये निषेध बनाती है, लेकिन तब सवाल आलू, मोल्ली और गाजर पर उठता है! प्याज और लहसुन ब्राह्मण क्यों नहीं खाते है, क्या आप जानते हो, अगर जान जाओगे तो आप छोड देंगे … अशुद्ध खाद्य (Unclean food): कुछ लोगों का ये भी कहना है कि मांस, प्याज और लहसुन का अधिक मात्रा में सेवन व्यवहार में बदलाव का कारण बन जाता है! शास्त्र (volume) के अनुसार लहसुन, प्याज और मशरूम ब्राह्मणों के लिए निषिद्ध हैं, क्योंकि आमतौर पर ये अशुद्धता बढ़ाते हैं और अशुद्ध खाद्य की श्रेणी में आते हैं! ब्राह्मणों को पवित्रता बनाए रखने की जरूरत होती है, क्योंकि वे देवताओं की पूजा करते हैं जोकि प्रकृति में सात्विक (saatvik) होते हैं!

सनातन धर्म के अनुसार: क्यों नहीं खाते लहसून और प्याज-

सनातन धर्म के वेद (Ved shastra) शास्त्रों के अनुसार प्याज और लहसुन जैसी सब्जियां प्रकृति प्रदत्त भावनाओं में सबसे निचले दर्जे की भावनाओं जैसे जुनून, उत्तजेना और अज्ञानता को बढ़ावा देती हैं! जिस कारण अध्यात्मक के मार्ग पर चलने में बाधा उत्पन्न होती हैं और व्यक्ति की चेतना प्रभावित होती है! इस कराण इनका सेवन नहीं करना चाहिेए! मान्यताएं: इन बातों का अब कम महत्व है, क्योंकि शहरी जीवन में तो जाति व्यवस्था विलुप्त होने के कगार पर है! और बेहद कम लोग ही इन नियमों का पालन करते हैं! आज के दौर के अधिकांश लोग, खासतौर पर युवा पीढ़ी इसे अंधविश्वास (Superstition) से जोड़ कर देखती है या यह वर्तमान जीवन शैली के कारण इनका पालन नहीं कर सकती है! तो दोस्तों अभी आप को पता चल गया है की ब्राह्मण क्यों नहीं खाते लहसून और प्याज !

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आजादी के 70 साल बाद विश्व विरासत स्थान पर बिजली (Electricity) पहुंची …प्याज और लहसुन ब्राह्मण क्यों नहीं खाते है, क्या आप जानते हो, अगर जान जाओगे तो आप छोड देंगे …

प्याज और लहसुन ब्राह्मण क्यों नहीं खाते है, क्या आप जानते हो, अगर जान जाओगे तो आप छोड देंगे …सेक्स करते समय experiment करना पड़ा भारी , हैरान रह जायेंगे आप भी पढ़ कर…